भारत सरकार ने स्वदेशी प्रौद्योगिकी के विकास और वाणिज्यीकरण का संवर्धन करने तथा व्यापक प्रयोग के लिए आयातित प्रौद्योगिक को अनुकूल बनाने के लिए प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड अधिनियम 1995 के अन्तर्गत सितम्बर, 1996 में एक सांविधिक निकाय के रूप में प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ( टी डी बी) का गठन किया इस बोर्ड में 11 बोर्ड सदस्य हैं। सरकार ने मार्च 2000 में बोर्ड का पुनर्गठन किया।
स्वदेशी अनुसंधान के परणाम को वाणिज्यीकृत्त करने के एकल उद्देश्य से सरकारी ढांचे के भीतर टी डी बी अपनी तरह का पहला संगठन है।